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राज्यसभा टिकट को लेकर कांग्रेस-भाजपा में बैठकों का दौर
March 9, 2020 • Admin
तीन लापता विधायक दिल्ली में, भोपाल में राजनीतिक सन्नाटा 
भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्ता को लेकर जो संग्राम हो रहा था, थमता दिख तो रहा है, लेकिन अभी पूरी तरह से थमा नहीं है। कांग्रेस के 3 लापता विधायकों का सुराग लगने का दावा किया जा रहा है। उनकी मौजूदगी दिल्ली में बताई जा रही है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि तीनों दिल्ली पहुंच चुके हैं और वे कांग्रेस के संपर्क में ही हैं। दूसरी ओर 13 मार्च को राज्यसभा की 3 सीटों के लिए नामांकन का आखिरी दिन है, लेकिन अभी तक दोनों ही प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारों का चयन नहीं हो पाया है। भाजपा-कांग्रेस को एक-एक सीट मिलना तो तय है, लेकिन दूसरी सीट के लिए चुनाव होगा। भाजपा को हालांकि अधिक संख्या में बाहरी वोट चाहिए, लेकिन वह किसी भी हालत में दावा छोडऩे के लिए तैयार नहीं है। इसी के चलते विधायकों की उठापटक चल रही है। आज भाजपा की दिल्ली में चुनाव समिति की बैठक होना थी, लेकिन दोपहर में प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा भोपाल पहुंचे और उन्होंने कुछ नेताओं के साथ बैठकर रायशुमारी की। इधर भाजपा के ऑपरेशन अंजाम की खबर लगने के बाद कमलनाथ, दिग्विजय सिंह समेत राजनीतिक मामलों की समिति ने मुख्यमंत्री निवास में डैमेज कंट्रोल को लेकर शनिवार रात फिर एक बार बैठक की। रविवार को दोपहर तक राजधानी में राजनीतिक सन्नाटा छाया रहा। 
कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने दो राज्यसभा सीटें जीतने की रणनीति तैयार कर ली है। एक सीट से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का जाना तय माना जा रहा है, जबकि दूसरी सीट के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी एवं अरुण यादव के अलावा पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना के नाम चर्चाओं में हैं। तेरह मार्च तक उम्मीदवारों के नाम फायनल कर दिए जाएंगे। इस संबंध में दो दिन तक प्रदेश के प्रभारी महासचिव दीपक बावरिया भी रायशुमारी करके वापस जा चुके हैं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। उनकी रिपोर्ट में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी पदाधिकारियों की राय शामिल है। विधायकों की संख्या को लेकर कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि तीन लापता विधायकों के जल्द आने की बात हो चुकी है। इसके साथ ही कांग्रेस ने वैकल्पिक तैयारी भी करके रखी 
हुई है। इसके तहत कुछ भाजपा विधायकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। रणनीति के अनुसार यदि कांग्रेस के लापता विधायकों का पता नहीं चलता है या उनकी जल्द वापसी नहीं होती है तो भाजपा के विधायकों को चुनाव के लिए अनुपस्थित रहने के लिए कहा जाएगा। 
असल में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के दो प्रत्याशियों को विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से 116 विधायकों के मत चाहिए, जिसमें कांग्रेस को निर्दलीय विधायक और मंत्री प्रदीप जायसवाल सहित दो विधायकों की जरूरत होगी। वहीं, भाजपा को चुनाव में दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करने पर उनके अपने विधायकों के अलावा नौ अन्य एमएलए के वोटों की आवश्यकता होगी। इसके लिए ही प्रदेश में सियासी घमासान की स्थिति बनी हुई है।
दिग्विजय सिंह ने दी कमलनाथ को बधाई
रविवार सुबह ही पूर्व मुख्यमत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को ट्वीट कर बधाई दी है। दरअसल, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को हरिवंश राय बच्चन की कविता 'अग्निपथÓ ट्वीट करने के बाद एक पत्र प्रदेश की जनता के नाम लिखा था। इस पत्र में उन्होंने प्रदेश की ताजा राजनीतिक हालत पर दुख व्यक्त किया था। जवाब में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सीएम को चिट्ठी लिखी। इसके पहले मीडिया के सवालों के जवाब में उनका कहना था  कि अब तक उनकी सीएम से राज्यसभा चुनाव पर कोई चर्चा नहीं हुई है।