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रेल्वे का निजीकरण व रेल्वे को बेचने की साजिश बर्दाश्त नहीं : एनएफआईआर
July 17, 2020 • Admin • राष्ट्रीय


NFIR/WCRMS ने रेल मंत्री को  दो टूक शब्दों में दी चेतावनी 
डॉ आरपी भटनागर ने किया आर पार की लड़ाई का एलान

भोपाल। आज रेलवे संगठन एन एफ आईआर व वेडरेम संघ के तत्वावधान में रेलवेधिकरियों की मोजुदगी में संगोष्ठी आयोजित की गई जिसमें  विभाग व कर्मचारियों की विभिन्न  समस्याओं के साथ ही निजीकरण के मुद्दे पर चर्चा की गई। जिसमें दोनों संगठनों से जुड़े सदस्यों के द्वारा विरोध किया गया।  वेसे रेे म संघ मीडिया प्रभारी रोमेश चौबे ने बताया कि रेल्वे की प्रगति व रेल्वे के संचालन के संबंध में रेलमंत्री  पीयूष गोयल ने एनएफ आईआर ( नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेल्वेमेन्स) के साथ आज 16 जुलाई को सम्पन्न हुई संगोश्ठी मे एनएफआईआर के महामंत्री डॉ एम राघवैया  व कार्यकारी अध्यक्ष एनएफआई आर /अध्यक्ष वेसेरेम संघ डॉ आरपी भटनागर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए रेल मंत्रालय /केंद्र सरकार को कहा कि किसी भी स्थिति में रेल्वे का निजीकरण व रेल को बेचने की साजिश का व्यापक स्तर पर विरोध किया जाएगा संघ के महामंत्री अशोक शर्मा व कार्यकारी महामंत्री सतीश कुमार ने बताया कि रेल की प्रगति को लेकर हुई संगोश्ठी में सर्वप्रथम रेल्वे बोर्ड अध्यक्ष  विनोद कुमार यादव ने डॉ एम राघवैया को उनके एन एफ आई आर के महामंत्री के रूप में सफलतम 25 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि एन एफ आई आर सदैव रेल कर्मचारियों व रेल की प्रगति में अहम भूमिका निभाता रहा है सभा के प्रारंभ में डॉ राघवैया एवं डॉ भटनागर ने कहा कि रेल्वे का निजीकरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, निजीकरण व मल्टी स्कीलिंग व्यवहारिक नहीं है  तथा रेल्वे के रिक्त पदों का 50 प्रतिशत सरेन्डर करना, पिछले दो साल के भर्ती की मांग पत्र व पैनल की समीक्षा कर घटाना, एक्ट अप्रेंटिस को रद्द करने का कड़ा विरोध दर्ज किया उन्होंने कहा कि लार्जेस स्कीम के तहत उनके बच्चों को नौकरी देने का विस्तार, एलडीसीई ओपन टू ऑल करना आवश्यक है, ठेकेदारी प्रथा में लगातार काम की क़्वालिटी का स्तर घट रहा है तथा उनका शोषण भी हो रहा है एन एफ आई आर /वे से रे म संघ  ने वरिष्ठ पर्यवेक्षकों को निर्णय के अनुसार 4800 ग्रेड पे देना, लोको पायलट का 4600 ग्रेड पे देना,रेल कर्मियों के महंगाई  भत्तों को फीज किये निर्णय को वापस लेते हुए पुनःह लागू करना, टी ए की कटौती पर लगी रोक हटाना आदि मुद्दों का समाधन अविलम्ब होना चाहिए, श्री भटनागर ने कहा कि कोविड 19 से पूरे भारतीय रेल में लगभग 315 रेलकर्मी शहीद हो चुके हैं कोरोना वारियर्स के समान कोरोना वारियर्स इंशोरेंस के तहत रेल कर्मियों को भी शामिल करना चाहिए, 109 रुट पर चलने वाली 150 ट्रेनों को पूँजीपतियों के हांथो में सौंपने का विरोध करते हुए श्री अशोक शर्मा ने मांग की सभी स्टेशनों पर कार्यरत रेल कर्मियों का कोरोना टेस्ट करना चाहिए , रेल कार्यालयों मैं स्वास्थ मंत्रालय के निर्देशानुसार कर्मचारियों के मध्य आवश्यक सामाजिक दूरी का भी क्रियान्वयन सुनिश्चित होना चाहिए रेल्वे के फ्रंट लाइन स्टाफ ट्रैकमेन्टेनर्स ,एस एन्ड टी, रनिंग स्टाफ, विधुत इंजीनियरिंग, आदि स्टाफ के मध्य सोशल दूरी का पालन सुनश्चित न करने के अलावा, रनिंग रूम, रेस्ट रूम रेल्वे कॉलोनी आदि निजीकरण एक आत्मघाती कदम है, लॉक डाउन व कोरोना काल में 7 लाख से अधिक रेल कर्मियों ने निर्धारित रुट पर लगातार काम किया है जिसको रेल राज्यमंत्री श्री सुरेश अगाड़ी आदि ने भी माना है कि विपरीत परिस्थितियों में रेल कर्मियों का अतुलनीय योगदान रहा है रनिंग स्टाफ के ए एल के का भुगतान नियमित रूप से करने आदि की मांग को डॉ भटनागर ने पूरे जोर तरीके से रखते हुए कहा कि हमें रेल राजस्व को बढ़ाने के लिए स्थाई रेल कर्मियों की ही सेवा लेते हुए ठेकेदारी प्रथा को तत्काल बंद करना ही रेल हित में होगा महामंत्री अशोक शर्मा ने कहा कि रेल कर्मियों की ज्वलंत समस्याओं  से रेल मंत्री को अवगत कराते हुए  खुली चेतावनी देते हुए रेलवे को बेचने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जिसके लिए संघ हर स्तर पर व्यापक विरोध करने की रणनीति बना रहा है