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सीएसपी लोकेश बने कोविड-19 एजेंट ऑफ सेफ्टी
May 26, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

भोपाल। डॉ सचिन नायक और भोपाल के सीएसपी लोकेश कुमार सिन्हा देश के भीतर कोविड-19 के खिलाफ लडऩे में मदद करने के लिए आगे बढ़ कर आए हैं। वर्तमान महामारी से निपटने के लिए इन्होंने जो प्रयास किए है, इसके लिए इन्हें गोदरेज लॉक की ओर से एजेंट ऑफ सेफ्टी के रूप में मान्यता दी गई है। इन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों का बहुत सख्ती से पालन किया. साथ ही देश को कोविड-19 से लडऩे में मदद करते हुए अपने परिवारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की। डॉक्टर सचिन नायक अपनी पत्नी और तीन वर्षीय बेटी की सुरक्षा के लिए एक सप्ताह से अधिक समय तक अपनी कार में ही रहे। वहीं लोकेश कुमार अपने परिवार की सुरक्षा के लिए एक महीने तक अपने घर के परिसर में ही स्थित गैरेज में रह रहे थे। वे दोनों अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रोजाना फ्रंटलाइन पर लड़ रहे हैं, ताकि वे अधिक से अधिक लोगों की मदद कर सकें। इस वक्त, कई कोविड-19 वॉरियर्स की प्रेरणादायक कहानियां सामने आ रही हैं। गोदरेज लॉक्स ऐसे ही कुछ वॉरियर्स तक पहुंचने और उनके वास्तविक जीवन की कहानियों को सामने लाने का छोटा सा प्रयास कर रहा है कि आखिर वे कैसे इस महामारी से निपट रहे हैं. गोदरेज लॉक्स डॉ सचिन नायक और लोकेश कुमार सिन्हा के साथ ही अन्य एजेंट ऑफ सेफ्टी की कहानियां डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वीडियो कंटेंट के रूप में दिखाएगा। इसमें दिखाया जाएगा कि कैसे ये एजेंट ऑफ सेफ्टी इस महामारी से निप्टतए हुए अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं और साथ ही अन्य लोगों को क्या सन्देश दे रहे हैं। इन वीडियो स्टोरीज को 222.द्धड्डह्म्द्दद्धड्डह्म्ह्यह्वह्म्ड्डद्मह्यद्धद्बह्ल.ष्शद्व पर भी दिखाया जाएगा। डॉ सचिन नायक ने अपने विचार साझा करते हुए कहा मुझे एजेंट ऑफ सेफ्टी के रूप में मान्यता दिए जाने पर बहुत गर्व है और मुझे खुशी है कि मैं इस तरह के प्रयास से अपने देश की मदद कर पा रहा हूं। कोविड-19 रोगियों से निपटना चुनौतीपूर्ण है. इसलिए मैंने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अपनी कार में रहने का फैसला किया। मैं पूरी ईमानदारी से देश के लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे सोशल डिस्टेंसिंग मानकों का सख्ती से पालन करें, क्योंकि यही एकमात्र तरीका है जिससे हम कोविड-19 चेन को तोड़ सकते हैं। भोपाल के सीएसपी लोकेश कुमार सिन्हा ने कहा हमें अपने विभाग से सख्त निर्देश दिए गए थे कि किसी भी चीज़ या किसी व्यक्ति से सीधे संपर्क में न आएं। इसलिए मैंने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए खुद को घर के गैराज में ही आइसोलेट कर लिया। हमने एक अलग रसोईघर भी बनाया है, जहां पूरे स्टाफ के लिए भोजन तैयार किया जाता है। मुझे ऐजेंट ऑफ सेफ्टी के रूप में मान्यता दी गई है, इसके लिए मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। गोदरेज लॉक्स के बिजनेस हेड श्याम मोटवानी ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा देश इस महामारी से लडऩे के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में कई व्यक्तियों ने वीरतापूर्ण प्रयासों का प्रदर्शन किया है और नागरिकों को सुरक्षित रखने और सही सूचना प्राप्त करने में योगदान दिया है. एजेंट ऑफ सेफ्टी के रूप में ऐसे लोगों को मान्यता देना सम्मानित करना हमारा एक छोटा सा प्रयास है. इसके जरिए हम उन लोगों के योगदान को सम्मानित कर रहे है, जो आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक प्रभाव व बदलाव लाने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बेहतर प्रयास कर रहे हैं।