ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
सीमांकन के बाद भी छींद में भू माफियाओं से जगह खाली नही करा पा रहा प्रशासन
February 21, 2020 • Vijay sharma
बरेली। कमलनाथ सरकार द्वारा प्रदेश में भू माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया गया था। उस अभियान के तहत ही बरेली राजस्व प्रशासन भू माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए छींद धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखकर शासकीय भूमि को प्रशासन द्वारा चिन्हित कर सीमांकन किया था खरगोन मण्डल की नायब तहसीलदार नीरू जैन के निर्देश में टीम द्वारा जगह का सीमांकन कर शासकीय भूमि को चिन्हित कर लिया गया था और उस जगह पर चूना भी डाला गया था, लेकिन जिसके बाद प्रशासन सीमांकन कराकर और जगह को भूल गया। भू माफियाओं को नोटिस जारी तक नहीं हुए हैं और ना ही प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा हटाने का कोई प्रयास किया गया है। माना जाता है प्रशासन द्वारा जिस भूमि को चिन्हित किया गया है उस भूमि पर सत्ताधारी दबंग नेताओं का कब्जा है, इसलिए प्रशासन उस भूमि से अवैध कब्जा हटाने में कतरा रहा है। करीब 1 माह बीत चुका है प्रशासन द्वारा अभी तक भू माफियाओं को नोटिस तक जारी नहीं किए गए हैं । छींद मंदिर के रास्ते पर अवैध तरीके से लोगों ने अस्थाई रूप से दुकाने लगा रखी है जिसके कारण छींद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में काफी परेशानी होती हैं रोड पर अतिक्रमण होने के कारण बाहर भी नहीं निकल पाते जिसके कारण जाम लग जाता है और लोगों को घंटों जाम से निजात पाने के लिए इंतजार करना पड़ता है
  तालाब किनारे की जमीन का प्रशासन द्वारा सीमांकन कराया कराया गया है सीमांकन में लगभग एक से डेढ़ एकड़ जमीन निकाली है जिस पर अवैध रूप दबंग नेताओं द्वारा कब्जा किया गया है इस जगह को अतिक्रमण मुक्त कर प्रशासन द्वारा यहां पर छींद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वाहन पार्किंग बनाए जाने की तैयारी है।
   सीमांकन के बाद एसडीएम बृजेंद्र रावत, एसडीओपी एससी वोहित, तहसीलदार निकिता तिवारी, जनपद पंचायत सीईओ अवि प्रसाद, नायव तहसीलदार सौरभ मालवीय, नायव तहसीलदार नीरू जैन सहित राजस्व विभाग का मामला चिन्हित भूमि का निरीक्षण कर चुका है, लेकिन अधिकारी अभी तक भू माफियाओं से जमीन खाली करने की रूपरेखा तक तैयार नहीं कर पाए जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर प्रशासनिक अधिकारी भू माफियाओं से जगह क्यों नहीं खाली करा पा रहे ।