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शिक्षा मंत्री के बयानों से अतिथि शिक्षक नाराज, बीजेपी को होगा नुकसान: परिहार
August 12, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

 
भोपाल।अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने  शिक्षा मंत्री से मिलकर उप चुनाव से पहले नीति बनाकर अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने का निवेदन किया था। साथ ही नियमितीकरण के  लिए बोनस अंक का लाभ दिया जाए। जिन मुद्दों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया  ने कांग्रेस की सरकार गिराई थी। वर्तमान सरकार भी उन मुद्दों पर मौन है। अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करवाने सड़क पर उतरने की बात करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया  को अतिथि शिक्षकों के हित में नीति बनवाना चाहिए। शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार   सिंधिया के वचनों को आइना दिखा रहे हैं। शिक्षा मंत्री बार बार एक ही बात बोल रहे हैं "अतिथि शिक्षकों का कुछ नहीं होगा" अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने  शिक्षा मंत्री से मिलकर उप चुनाव से पहले नीति बनाकर अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने का निवेदन किया था। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट बोल दिया था कि बीजेपी के एजेंडे में अतिथि शिक्षकों के लिए कोई नीति नहीं बनेगी। पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी की भांति वर्तमान शिक्षा मंत्री भी शिक्षक भर्ती में 25  प्रतिशत आरक्षण देने का राग अलाप रहे हैं। जबकि संगठन शुरू से ही आरक्षण का विरोध करता रहा है। अन्य राज्यों एवं अतिथि विद्वानों की भांति अतिथि शिक्षकों को भी कार्य दिवस एवं सत्र के आधार पर बोनस अंक देकर अतिथि शिक्षकों को लाभ देना चाहिए था। यदि शिक्षक भर्ती में अनुभव के आधार पर बोनस अंक दिए जाते तो अस्सी प्रतिशत अतिथि शिक्षक नियमित होने की संभावना थी । 

अतिथि शिक्षक भर्ती शीघ्र हो 

अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के पदाधिकारियों  पी डी खेरवार , चन्द्रशेखर राय , दिलावर हसन , रामस्वरूप गुर्जर और द्वारका प्रसाद तिवारी ने शीघ्र अतिथि शिक्षकों की भर्ती करने की मांग की है।गौरतलब है कि अप्रैल में सत्र पूरा होने से बेरोजगार अतिथि शिक्षक मजबूरी में मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करने के लिए मजबूर हैं।

मानदेय दिलवाने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि  गुना, अशोक नगर ,निवाड़ी और खंडवा सहित कई जिलों के अतिथि शिक्षक विगत चार माह से मानदेय के लिए भटक रहे हैं। आयुक्त से बात करते हैं तो बोलती हैं बीईओ बजट के लिए मांग पत्र भेजें । बीईओ बोलते हैं मांग पत्र भेज चुके हैं। अब प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर शीघ्र मानदेय दिलवाने की गुहार लगाई है।