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शोषण का शिकार संविदा शिक्षिका व सहायक वार्डन ने आयुक्त को सुनाई अपनी समस्याएं
October 16, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

भोपाल । आज राजधानी में राज्य शिक्षा केंद्र अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा बालिका छात्रावास में 10 से 15 वर्षों में संविदा पर कार्यरत शिक्षिका सह सहायक वार्डन शोषण सहते सहते तंग आकर आज आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र में आकर मिली तथा उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई हुई सहायक वार्डनो ने अपर आयुक्त आर के मंडलोई को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि बालिका छात्रावास और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में ज्यादातर विधवा परित्यक्ता और अविवाहित महिलाएं हैं उनके पास किसी भी प्रकार का वित्तीय अधिकार नहीं है, किसी की नियुक्ति नहीं कर सकती है, चतुर्थ श्रेणी का वेतन दिया जा रहा है उसके बावजूद उनका स्थानांतरण किया जा रहा है। छात्रावास में रहने वाली बालिकाएं शालाओं में पढ़ने जाती है वहां पर जो वार्डन होती है वह शिक्षिका होती है वही उन्हें पढ़ाती है, विद्यालय में रेमेडियल टीचर पढ़ाती हैं इसके बावजूद सहायक वार्डन की संविदा बढ़ाने में शर्त जोड़ दी गई है कि यदि छात्रावास में रहने वाली 60% बालिकाएं A श्रेणी में नहीं आती है तो सहायक वार्डन की संविदा नहीं बढ़ाई जाए। ऐसे गलत नियम बनाकर संविदा पर कार्यरत शिक्षिका सहायक वार्डन का शोषण किया जा रहा है इसके कारण उनको शो कॉज नोटिस भी दिए जा रहे हैं, 24 घंटे की ड्यूटी कर रही हैं और वेतन भृत्य के बराबर दिया जा रहा है और सारी जिम्मेदारी सहायक वार्डन पर डाल दी गई है। जबकि वार्डन को किसी प्रकार की जिम्मेदार नहीं माना जाता वह केवल चेक पर हस्ताक्षर करती हैं, वार्डनो के द्वारा आकस्मिक निधि भी नहीं दि जाती वर्तमान में कोविड के कारण छात्रावास बंद है छात्रावास एकांत में बने हुए हैं ऐसे में शिक्षिका सह सहायक वार्डन पर दबाव डाला जा रहा है कि वे छात्रावासों में चौकीदार के साथ रहे ऐसे में यदि कोई अनहोनी घटना हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा ऐसे कई समस्याओं से प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई हुई सहायक वार्डनो ने अपर आयुक्त राज्य शिक्षा को अवगत करायए ।