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शुक्र है कि व्हील्सआई का सहारा था, वर्ना ट्रक चोरी हो जाता
August 27, 2020 • Admin • मध्यप्रदेश

 

रीवा। यह शब्द हैं मध्य प्रदेश के रीवा शहर के ट्रक व्यापारी गौरव त्रिपाठी जी क। हर रोज़ की तरह वे अपने मोबाइल एप से ट्रक की लोकेशन पर नजर रखे हुए थे। हाल ही में उनका ट्रक रताहरा डिलीवरी करने के लिए पहुंचा था।  डिलीवरी होने के बाद अचानक उनका ट्रक कुछ अजीब से रुट पर जाने लगा। उनको कुछ शक हुआ की ट्रक इधर उधर जा रहा है तो उन्होंने ड्राइवर को फ़ोन लगया। 

इधर ड्राइवर जो था ट्रक का, उसके पास एक व्यक्ति ड्राइवर बनकर आया और कहा के उसे  गौरव जी ने ट्रक की चाबी लेने भेजा है।  वह अर्जेंट लोडिंग पर जाने का बहाना लगाने लगा। ड्राइवर ने भी ज्यादा सोचा नहीं और मालिक का हुक्म का पालन किया।  मगर बात ये थी की मालिक ने कोई हुक्म नहीं दिया थ।  वह व्यक्ति असल में एक बहरूपिया था और ड्राइवर की लापरवाही के चलते ट्रक की चाबी लेकर ट्रक सहित फुर्र्र हो गया। 

इधर जैसे ही गौरव जी की बात ड्राइवर से हुई, उनको सारा मामला समझ आ गया। उन्होंने सूझ बूझ दिखते हुए तुरंत एप  से ही ट्रक का इंजन ऑफ कर दिया।  फिर जीपीएस की मदद से नज़दीकी थाने में फोन किया , पुलिस को लोकेशन रताहरा के समीप में ही बताई गई और पुलिस की सक्रियता से तुरंत ही गाड़ी को चोर सहित रीवा से पकड़ कर थाने ले आयी।

गौरव ने बताया की उनके सभी ट्रक्स में व्हीलसाई एप इनस्टॉल है और सुरक्षा की दृष्टि से उनके सभी ट्रक उनकी उंगलिओं पर ही हरकत करते हैं। उन्होंने व्हील्सआई की मदद से तुरंत ट्रक की चोरी को भांप लिया और ट्रक को बरामद कर लिय। व्हील्सआई टीम के सदस्य लवकुश त्रिपाठी की मदद भी लगातार बानी रही। आपरेटर ने Wheelseye परिवार को दिल से शुक्रिया अदा किया है और कहा है कि अब जितनी भी गाड़ियाँ मेरे ग्रुप में है सबके मालिकों से अनुरोध करूँगा की वो wheelseye का जीपीएस लगवाएं।