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स्वास्थ्य विभाग की मनमर्जी व लापरवारही से परेशान प्रसूता महिलायें
February 22, 2020 • Vijay sharma

नरसिंहपुर। एक ओर जहां पर गर्भवती माता एवं शिशु की पर्याप्त देखभाल और समुचित चिकित्सा हेतु शासन द्वारा बहुत सारे प्रयास किये जा रहे हैं। उनकी वास्तविक स्थिति संख्या एवं उनके स्वास्थ्य को लेकर वर्तमान में जारी एक मोबाइल एप के माध्यम से भी संपूर्ण जानकारी शासन को उपलब्ध कराये हेतु भी कार्य चल रहा हैं।  लेकिन चिकित्सा विभाग का महकमा सहित आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भारी अनियमिततायें बरती जा रही है। गर्भवती महिलाओं के प्रति इनका रवैया भारी चिंताजनक भी है। वे इस ओर कोई  ध्यान नही दे पा रहे हैं जिससे इन प्रसूति महिलाओं के लिए समय पर इलाज नही मिल पाने भारी परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा लापरवाही  स्वास्थ बिभाग में आये दिन देखने को मिलती है जहां पर स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ महिला डॉक्टरों के साथ-साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी अपनी मनमर्जी से कार्य करते हुये जिला चिकित्सालय में पदस्थ महिला डॉक्टर अस्पताल में अन्य क्षेत्रों से आने वाली प्रसूति महिलाओं को बिना कोई जॉच किये ही मेडिकल के लिए रिफर  कर देती  है। एक मामला तेंदूखेड़ा की ग्राम पंचायत बिलगुवा से आई एक प्रसूता के साथ हुआ। जब इस ग्राम में पदस्थ आशा कार्यकर्ता ने ग्राम  की एक प्रसूता महिला की ना तो कोई जानकारी  ली और न ही इसकी कोई चिकित्सा हेतु कोई प्रयास किये। जिससे यह प्रसूता महिला स्वयं  अपने  परिवार के साथ तेन्दुखेड़ा अस्पताल पहुंच गई। यहाँ पर भी महिला नर्सो ने जिला नरसिंहपुर के लिए रिफर कर दिया। जिससे नरसिंहपुर जाने के लिए जननी एक्सप्रेस के लिए 108 नंबर पर सूचना दी गई। 108 पर सूचना देने पर भी जननी एक्सप्रेस  एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। इस महिला के परिजन आनन-फानन में प्राइवेट वाहन लेकर गुरुवार को शाम 6 बजे के लगभग जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर पहुंचे। यहां पर भी पदस्थ महिला डॉक्टरों ने बिना जांच-पड़ताल किये महिला को जबलपुर मेडिकल के लिए रेफर कर दिया। जिससे महिला के परिजन जबलपुर रिफर की बात सुनकर घबरा गए और उन्होंने जबलपुर जाने की बात पर असमर्थता व्यक्त  की तो अस्पताल से प्रसूता को तुरंत छुट्टी दे दी गई। जिससे महिला के परिजन और घबरा गए। लेकिन परिजनों ने भारी परेशानी उठाते हुये प्रसूता महिला के परिजन आनन-फानन में प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहाँ पर प्रसूता  महिला की डिलीवरी हुई। ऐंसी घटनाओं के चलते स्वास्थ्य विभाग में पदस्त डॉक्टरों महिला डॉक्टरों एवं आशा कार्यकर्ता आदि सभी की मनमानी एवं लापरवाही उजागर होती है।