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वाणिज्यक कर मामलों के निराकरण 30 जून तक
March 8, 2020 • Admin
भोपाल। वाणिज्यिक कर विभाग ने व्यवसाइयों के वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही के विभिन्न अधिनियमों के कर निधाज़्रण प्रकरणों के निराकरण के लिये समय-सीमा 29 फरवरी से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है। राज्य शासन द्वारा यह कार्यवाही व्यवसाइयों के व्यापक हित में की गई है। व्यवसाइयों को जीएसटी के अंतगज़्त प्रतिमाह रिटनज़् प्रस्तुत करना होता है। इसके साथ ही उन्हें जीएसटी की वार्षिक विवरणी प्रस्तुत की जानी थी। इस प्रकार की परिस्थितियों से उन्हें कर निधाज़्रण कराने में असुविधा हो रही थी। कर-दाताओं एवं कर सलाहकारों द्वारा यह तथ्य राज्य शासन के ध्यान में लाया गया, जिस पर पूर्ण विचार करते हुए राज्य शासन द्वारा कर-दाताओं को उक्त अवधि के प्रकरणों के निराकरण के लिये अधिक समय मिल सके, इसके लिये वषज़् 2017-18 की प्रथम तिमाही के (जीएसटी लागू होने की पूवज़् की अवधि) प्रकरणों के निराकरण के लिये समय-सीमा 29 फरवरी से बढ़ाकर 30 जून,की जाकर व्यवसाय जगत को एक बड़ी राहत दी है। मध्यप्रदेश राज्य जीएसटी के अंतर्गत जनवरी के लिये देय मासिक विवरणी जमा कराने में भारत के अनेक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर मध्यप्रदेश राज्य पूरे भारत देश में उत्कृष्ट प्रदशज़्न करते हुए कर-दाताओं से माह जनवरी, 2020 का रिटर्न प्रस्तुत कराने में दूसरे स्थान पर रहा है। प्रदेश में जीएसटी के अंतगज़्त 3 लाख 47 हजार पंजीयत करदाता मासिक चुकाने मासिक विवरणी प्रस्तुत करने के देयक हैं। इस प्रकार प्रदेश के लगभी 88 प्रतिशत कर-दाताओं द्वारा रिटर्न प्रस्तुत कर दिये गये हैं। अनेक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए मध्यप्रदेश राज्य के कर-दाताओं और कर सलाहकारों द्वारा पूर्ण उत्साह से अधिक से अधिक विवरणी प्रस्तुत करने में महत्वपूर् भूमिका अदा की है। यह निश्चित रूप से प्रदेश के कर-दाताओं के लिये अत्यंत गौरव का विषय है। विभागीय अधिकारियों द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इस कार्य में सभी कर-दाताओं का, कर सलाहकारों का एवं चार्टर्ड एकाउंटेट्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।