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वन विभाग से नहीं ली इजाजत, काटा आठ वर्ष पुराने कदम का वृक्ष
May 6, 2020 • होतम सिंह राजोरिया
ग्वालियर आईटी पार्क का मामला
काटने के बाद वन विभाग से इजाजत लेने की तैयारी 
भोपाल। प्रदेश के ग्वालियर जिले में गंगामालनपुर स्थित आईटी पार्क परिसर में लगे सोमवार को कदम के पैड़ को कटवा दिया गया है। जिसे काटने के लिए प्रबंधन के द्वारा वन विभाग से भी इजाजत नहीं ली गई है और ना ही अपने विभाग के मुख्यालय से कोई आदेश जारी किया गया है। जिसकी सूचना मुख्यालय को भी मिल चुकी है। प्रदेश सरकार प्रदूषण से बचाव को लेकर हर संभव प्रयास कर रही है जिसके लिए करोड़ों रूपये वृक्षारोपण पर खर्च कर रही है। वहीं शासकीय कार्यालयों के परिसर में भी पार्क विस्तारण करते हुए वृक्षारोपण का कार्य करवाया जा रहा है। जिससे आज मध्यप्रदेश हरियाली में सबसे आगे है जिससे प्रदूषण रहित बना हुआ है।  लेकिन कुछ शासकीय विभागों के अधिकारियों को सरकार का हरभरा प्रदेश अभियान पसंद नहीं आ रहा है। इसका उदाहरण ग्वालियर जिले देखने को मिला है। जिले में मुरैना रोड गंगामालनपुर पर लगभग 10 वर्ष पहले आईटी का निर्माण किया गया था जिसका उद्देश्य प्रदेश में संचाालित निजी दूरसंचार सेवा देने वाली कंपनियों को कार्यालय उपलब्ध कराना था। जहां पर एक दो कंपनियां अपने कार्यालय संचालित कर रही हैं। उक्त आईटी पार्क को पहाड़ी पर निर्माण करवाया गया है जहां पर हरियाली बनाये रखना व वृक्षों को जीवित रखना अपने आप में एक चुनौती थी। जिसके लिए आईटी पार्क प्रबंधन मुख्यालय भोपाल के द्वारा परिसर में पार्क निर्माण के साथ वृक्षों को रोपण करवाने के लिए करोड़ों रूपये खर्च किए गए हैं । अब वहीं पदस्थ मैनेजर जसवंत कोलिवर के द्वारा बिना किसी कारण के आठवर्ष पुराने कदम के वृक्ष को कटवा दिया गया। जिसके लिए उनके द्वारा वन विभाग व प्रशासन से परमीशन भी नहीं ली गई। इतने पर भी उनका मन नही भरा तो अभी और वृक्षों को काटने की तैयारी की गई है। यह वृक्ष वहां से काटे जा रहे हैं जहां पर किसी भी तरह का अवरोध नहीं हो रहा है। पेड़ों के चारों तरफ खुला मैदान है। फिर भी वृक्षों को काटा जा रहा है। इन वृक्षों व पार्क के रख रखाव पर विभाग के द्वारा प्रतिवर्ष लाखों रूपयें खर्च किए जा रहे हैं। 
मजदूरों ने किया था मना
आई टी पार्क में वृक्षों की कटाई से पहले वहां पर गार्डन का रखरखाव के कार्य में लगे मजदूरों के द्वारा भी काटने के ली मनाकिया गयाथा। लेकिन उसके बाद भी वह नहीं माने और वृक्ष को कटवा दिया गया। बताया जाता है कि अभी वह और भी वृक्ष कटवाना चाह रहे हैं हो सकता है एक दो दिन में अपनी हठधर्मी के चलते कुछ वृक्षों की बली चढ़ा दी जाए। 
बिना इजाजत के वृक्ष काटना अपराध
प्रदेश में चाहे निजी या शासकीय भूमि से वृक्ष को काटना पड़े तो उसके लिए वनविभाग व नगरनिगम से परमीशन लेनाअनिवार्य है। अगर कोई व्यक्ति बिना परमीशन के वृक्ष काटता है तो वह वन अधिनियम के तहत अपराध है। जिसे आई टी पार्क में पदस्थ मैनेजर के द्वारा किया गया है। 
मुख्यालय को की जा चुकी है शिकायत 
इस मामले को लेकर आईटी पार्क में पार्क व वृक्षों की देखरेख करने वाली कंपनी के द्वारा मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित व दूरभाष के माध्यम से  शिकायत की जा चुकी है। ङ्क्षजसमें इतने बड़े हरे वृक्ष को ना काटकर उनकी छंटाई भी की जा सकती थी  लेकिन एक पेड़ कटवा दिया गया वहीं अन्य पेड़ों का काटने की तैयारी का उल्लेख किया गया है। 
 
इनका कहना है
वह सब बड़े हो गए थे इसलिए काटवाए गए हैं। इसकी वन विभाग से परमीशन नहीं ली गई है अब एसडीएम के यहां पर परमीशन के लिए आवेदन कर देंगे। 
जसवंत कोलिवर,
वरिष्ठ प्रबंधक
आईटी पार्क ग्वालियर