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वेव के तीन निदेशकों व अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज 
November 9, 2020 • Admin • राष्ट्रीय

 

नोएडा वेव मेगा सिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड का नाम फिर धोखाधड़ी में शामिल हो गया है | वेव बिजनेस पार्क-1 प्रोजेक्ट में ऑफिस स्पेस के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आपको बता दे की नोएडा निवासी पीयूष शर्मा खरीदार ने 50,06,597 रुपये देने के बावजूद कब्जा नहीं देने और रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।

 

 

आरोप है कि प्रोजेक्ट शिफ्ट करने के बावजूद उन्हें सात साल बाद भी कब्जा नहीं दिया और निर्माण के नाम पर केवल एक गड्डा खोदा गया है। इस मामले में पुलिस के कार्रवाई न करने पर अदालत ने सेक्टर-20 थाना पुलिस को निदेशक मनप्रीत सिंह चड्ढा, चरनजीत सिंह, हरमानदीप सिंह खंडारी, फाइनेंस हेड नरेंद्र झा व अन्य अज्ञात कर्मचारियों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

 

 

अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2012 में नोएडा के सेक्टर-25 में वेव बिजनेस टावर-1 प्रोजेक्ट लांच किया था। इसमें नोएडा के सेक्टर-25 निवासी पीयूष शर्मा ने अपने, मां सविता शर्मा व भाई धनंजय शर्मा के नाम से ऑफिस स्पेस 745.2 वर्ग फुट बुक कराया था।

 

 

पीयूष कंपनी के साइट ऑफिस पर गए थे तो वहां पर निदेशक मनप्रीत सिंह चड्ढा, चरनजीत सिंह, हरमानदीप सिंह खंडारी व फाइनेंस हेड नारायण झा मिले। सौदा 6500 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से तय हुआ और 5 अप्रैल 2013 को सात लाख रुपये का चेक से भुगतान किया। ऑफिस का क्षेत्र बाद में बढ़ाकर 848.4 वर्ग फीट कर दिया गया था। खरीदारों ने इसका भुगतान कर दिया।

 

 

अनुबंध के अनुसार, वर्ष 2018 तक कब्जा दिया जाना था। 2018 में आरोपियों ने सविता और धनंजय को साइट ऑफिस पर बुलाया और कहा कि उक्त प्रोजेक्ट का रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया इसलिए यह प्रोजेक्ट नहीं बन सकता है। आरोपियों ने मेट्रो मार्ट प्रोजेक्ट में शिफ्ट करने को कहा तो वे तैयार हो गए।

 

 

पीड़ित ने मेट्रो मार्ट प्रोजेक्ट में 365 वर्ग फीट एरिया 17,600 रुपये की दर से बुक कराया। इसके लिए अतिरिक्त 13,24,000 रुपये का भुगतान कब्जे के समय दिया जाना था। कंपनी को कुल 50,06,597 रुपये दिए गए। कंपनी प्रबंधन ने जनवरी 2020 तक कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन अब तक प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं किया गया।

 

काम के नाम पर सिर्फ गड्ढा खोदा गया है। इस पर खरीदारों ने रुपये वापस मांगे तो अभद्रता की गई। आरोप है कि बड़ी संख्या में इसी तरह अन्य निवेशकों से धोखाधड़ी की गई है।

 

वही इस मामले में टेन न्यूज़ ने वेव सिटी संस्था के प्रबंधकों से बात करनी चाहिए , लेकिन उनकी तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला , साथ ही पुलिस अधिकारीयों से इस मामले में टेन न्यूज़ ने बात करनी चाहिए , लेकिन उनके तरफ से भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला |

 

ज्ञात हो की 2019 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नामी शराब कारोबारी और बिल्डर पोंटी चड्ढा के बेटे मोंटी उर्फ मनप्रीत सिंह चड्ढा को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था , वो थाईलैंड जाने की फिराक में था |

 

 

मोंटी और उसके परिवार के कई लोगों और उसकी कंपनी के निदेशकों और कर्मचारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 2018 में 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी के आरोप में केस दर्ज किया था |