ALL शिक्षा मध्यप्रदेश मनोरंजन राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य खेल राजनीति
विदिशा में 5423 किसानों का 33 करोड़ 56 लाख का कर्जं माफ
March 3, 2020 • Vijay sharma • मध्यप्रदेश
 
किसान आर्थिक रूप से सम्पन्न होंगे तो चहुंओर सम्पन्नता आएंगी:मंत्री श्री यादव
भोपाल। जय किसान फसल ऋण माफी योजना के द्वितीय चरण में आज विदिशा जिले के विदिशा, गुलाबगंज एवं ग्यारसपुर तहसील के 5423 कृषको के 33 करोड़ 56 लाख रूपए का कर्ज माफ किया गया। पुरानी कृषि मंडी में सम्पन्न समारोह में कुटीर एवं ग्रामोद्योग, नवीन एवं नवकरणीय ऊजाज़् मंत्री तथा विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री हर्षयादव ने पात्रताधारी कृषकों को जय किसान फसल ऋण माफी के प्रमाण पत्र एवं आवासीय पट्टे के अधिकार पत्र प्रदाय किए है। मंत्री हर्ष यादव ने कहा कि किसानों की आर्थिक सम्पन्नता से चहुंओर सम्पन्नता आती है। उन्होंने कहा कि किसान माकेज़्ट में जाकर अपनी आवश्यकता के अनुसार सामग्री खरीदते है जो व्यापार में लेन-देन के काम आती है और पैसे एक जगह रूकते नही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जो वचन आमजनों, किसानो
और गरीबों के लिए दिए है उनमें से चार सौ वचन अब तक पूरे हो चुके है। मुख्यमंत्री जी ने सबसे पहले किसानों की ऋण माफी कायज़् को सवोज़्च्च प्राथमिकता दी है। द्वितीय चरण के तहत कालातीत ऋणधारकों के पचास हजार से एक लाख रूपए के ऋण माफ किए जा रहे है और अंतिम चरण में एक लाख से दो लाख की राशि के ऋण माफी प्रमाण पत्र प्रदाय किए जाएंगे। मंत्री श्री यादव ने बताया कि किसानो को गेंहू पर 160 रूपए प्रति क्विंटल की बोनस राशि प्रदाय करने की कार्यवाही को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि अपै्रल माह से किसानों के खातो में गेंहू की बोनस राशि जमा करने की प्रक्रिया प्रचलन में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी वर्गों में खुशहाली हो यही राज्य सरकार का मुख्य उद्वेश्य है। जिसकी शुरूआत हो चुकी है। श्री यादव ने किसानबंधुओं से अपील
करते हुए कहा कि गुमराह ना हो किसानो से जो-जो वादे किए गए है वे अक्षरश: पूरे होंगे। राज्य सरकार द्वारा अब तक आमजनों के हितार्थ में लिए गए लाभान्वित निर्णयों पर भी संक्षिप्त प्रकाश डाला। आज विदिशा तहसील के 3246 किसान, ग्यारसपुर के 1169 तथा गुलाबगंज के 1008 किसान लाभांवित हुए हैं । इस अवसर पर स्थानीय विधायक, अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान और नागरिक उपस्थित थे