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यात्री बसों को विशेष पैकेज देकर टैक्स माफ किया जाए: इंटक
May 1, 2020 • Admin

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लॉकडाउन के दौरान यात्री बसें बंद रही हैं इस दौरान का परिवहन विभाग से टैक्स माफ किये जाने मप्र ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन इंटक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। मप्र ट्रॉंसपोर्ट वर्कस फेडरेशन इंटक के प्रवक्ता विजय शर्मा ने बताया कि फेडरेशन अध्यक्ष कृपाशंकर वर्मा के निर्देशानुसाार महामंत्री प्रवेश मिश्रा ने पत्र मुख्यमंत्री से मांग की है कि कोविड 19 कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन के दौरान लगभग एक माह से अधिक समय से यात्री बसें बंद रही हैं, जिससे बस संचालकों को आर्थिक हानि हुई है।  कर्मचारी मालिक सभी बैरोजगार बैठे हैं। इनमें कुछ संचालक एैसे भी है जिनके पास मात्र 1 या 2 बसें ही है।  वहीं उनके द्वारा बस परिमिट का उपयोग ही नहीं किया गया है। वहीं गर्मी में स्कूल अवकाश के दौरान अप्रेल मई जून में उनका व्यवसाय होता था वह भी इस समय बंद है। मप्र में 22 मार्च से यात्री बसों का संचालन पूर्ण रुप से बन्द है कुछ मालिक कम वर्कर्स की श्रेणी में आते हैं? बहुत ही कड़ी परीक्षा से गुजर रहे हैं। बसों के संचालक, कर्मचारी सभी बेरोजगार हो गये। वहीं भारत सरकार परिवहन विभाग के 30 मार्च को निर्देश किए गए हैं कि लॉक डाउन के कारण असंचालित बसों का प्रदेश सरकारें टैक्स माफ करें। जिसका पालन आज तक पालन नहीं हुआ है बल्कि इसके विपरीत परिवहन आयुक्त द्वारा अप्रेल माह का टैक्स 15 मई तक जमा कराने के निर्देश जारी कर दिये हैं जिससे संचालकों में भय एवं असंतोष उत्पन्न हो गया है। इन सभी समस्याओं को लेकर यात्री बस संचालकों व कर्मचारियों के हितों को देखते हुए मप्र ट्रॉंसपोर्ट वर्कस फेडरेशन इंटक के द्वारा मुख्यमंत्री, परिवहन सचिव, परिवहन आयुक्त को पत्र लिखा गया है। पत्र में यात्री बस संचालकों का भारत सरकार परिवहन मंत्रालय के निर्देशानुसार टैक्स माफ करने एवं विशेष राहत पैकेज देने की मांग की गई है।