महिला सशक्तिकरण के लिए 660 छात्राओं को साइकिल प्रदान, मानव साधन विकास संस्था और पुणे विमानतळ प्राधिकरण की पहल

रत्नागिरी । मानव साधन विकास संस्था संचालित जन शिक्षण संस्थान (JSS), सिंधुदुर्ग और पुणे विमानतळ प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से रत्नागिरी जिले में महिला सशक्तिकरण के तहत 660 छात्राओं को साइकिल प्रदान करने का अंतिम चरण पूरा किया गया। इस पहल का उद्देश्य 1,000 छात्राओं तक पहुंचने का था, लेकिन कुछ कारणों से लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।

सुरेश प्रभु की पहल से महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम

पूर्व केंद्रीय रेल और नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने 1997 में राजापुर लोकसभा क्षेत्र के पहले सांसद बनने के बाद महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी। उन्होंने MSVS (मानव साधन विकास संस्था) की स्थापना कर, स्किल मिनिस्ट्री की योजनाओं के तहत JSS (जन शिक्षण संस्थान) को सक्रिय किया। अब तक 76,000 से अधिक लोगों को 30-35 अलग-अलग कौशल प्रशिक्षण दिए गए हैं, जिनमें 60-70% महिलाएं शामिल हैं।

रत्नागिरी में JSS का विस्तार और महिलाओं के लिए विशेष पहल

पहले JSS सिंधुदुर्ग दोनों जिलों में प्रशिक्षण दे रहा था, लेकिन रत्नागिरी के लिए अलग JSS स्थापित किया गया। अब दोनों जिलों में समान रूप से कार्य किया जा रहा है। JSS ने पहले ही 630 महिलाओं को सिलाई मशीन प्रदान की हैं। 63 स्कूलों को 630 साइकिल दी गईं ताकि छात्राएं माध्यमिक शिक्षा से वंचित न रहें।

गरीब छात्राओं को क्यों दी जा रही हैं साइकिल?

कई छात्राओं को प्राथमिक शिक्षा के बाद माध्यमिक शिक्षा के लिए दूरस्थ स्कूलों में जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने से माता-पिता बेटियों को स्कूल भेजने से कतराते हैं। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली गरीब, जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल दी जाती है ताकि वे 10वीं तक शिक्षा जारी रख सकें। 10वीं के बाद छात्रा साइकिल वापस स्कूल में जमा करेगी, जिसे अन्य जरूरतमंद छात्राओं को दिया जाएगा।

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