नवसारी: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की परपोती नीलमबेन परीख का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने नवसारी जिले की अलका सोसायटी में अपने बेटे डॉ. समीर परीख के घर अंतिम सांस ली। नीलमबेन महात्मा गांधी के पुत्र हरिदास गांधी की पोती थीं और अपने जीवनभर गांधीवादी विचारधारा और समाजसेवा से जुड़ी रहीं।
अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार
नीलमबेन परीख की अंतिम यात्रा कल सुबह 8 बजे उनके निवास स्थान से निकलेगी।
उनका अंतिम संस्कार वीरवाल श्मशान घाट पर किया जाएगा।
गांधीवादी मूल्यों की समर्थक थीं नीलमबेन
नीलमबेन परीख ने अपना पूरा जीवन व्यारा में महिला कल्याण और मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। वे एक सच्ची गांधीवादी थीं और उन्होंने हमेशा समाज में सimplicity (सरलता), अहिंसा, और सेवा के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया।
महिला और मानव कल्याण में योगदान
उन्होंने जीवनभर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के लिए काम किया।
विभिन्न सामाजिक संगठनों और चैरिटी संस्थाओं से जुड़ी रहीं।
उनके योगदान को समाज में गहरी श्रद्धा और सम्मान से देखा जाता है।
नीलमबेन परीख के निधन से समाजसेवा और गांधीवादी विचारधारा के प्रति समर्पित एक महत्वपूर्ण हस्ती को दुनिया ने खो दिया।
महात्मा गांधी की परपोती नीलमबेन परीख का निधन, 93 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
