भोपाल । एम्स भोपाल में विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के अवसर पर पीडियाट्रिक ओपीडी में जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य डाउन सिंड्रोम, इसकी चुनौतियों, प्रारंभिक हस्तक्षेप और समावेशी देखभाल के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना था।
डाउन सिंड्रोम जागरूकता पर एम्स भोपाल की पहल
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. अजय सिंह के मार्गदर्शन में यह विशेष सत्र आयोजित किया गया। पीडियाट्रिक्स विभाग की प्रमुख डॉ. भावना ढींगरा के नेतृत्व में माता-पिता, देखभाल करने वाले और स्वास्थ्यकर्मियों को इस विषय पर जागरूक किया गया।
सत्र की मुख्य बातें:
डाउन सिंड्रोम की प्रारंभिक पहचान और उपचार के लाभ
समावेशी शिक्षा और सामाजिक समर्थन की आवश्यकता
विशेष बच्चों के लिए सहायक वातावरण तैयार करना
सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने के प्रयास
समावेशी समाज के निर्माण पर जोर
प्रो. अजय सिंह ने कहा “एम्स भोपाल डाउन सिंड्रोम जैसी आनुवंशिक स्थितियों को लेकर व्यापक देखभाल और जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे सत्र समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सहायक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
ओपन फोरम में साझा किए गए अनुभव
सत्र के अंत में “ओपन फोरम” का आयोजन किया गया, जिसमें माता-पिता और देखभालकर्ताओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से सवाल-जवाब किए।
एम्स भोपाल की सतत पहल
परामर्श सेवाएं
चिकित्सीय सहायता
सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम
एम्स भोपाल विशेष जरूरतों वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए चिकित्सा व मानसिक सहयोग प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है।
एम्स भोपाल में विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस पर जागरूकता सत्र का आयोजन
