भोपाल: रहवासी इलाकों में शराब दुकानें बनीं मुसीबत, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

धार्मिक स्थल और स्कूल के पास संचालित शराब दुकान पर बढ़ा विरोध

भोपाल ।  मध्यप्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास से शराब दुकानों को हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है, लेकिन राजधानी भोपाल में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। स्टेशन रोड स्थित साईं राम कॉलोनी सेमरा गेट के मुख्य मार्ग पर संचालित शराब दुकान रहवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

रहवासियों का विरोध – बार-बार ज्ञापन के बावजूद कार्रवाई नहीं

यह शराब दुकान धार्मिक स्थल और स्कूल के बेहद करीब स्थित है, जिससे महिलाओं, स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आश्चर्यजनक रूप से, इस दुकान के दस्तावेज चांदबड़ क्षेत्र के नाम से हैं, जो कि इस स्थान से 500 मीटर दूर है, फिर भी यह अवैध रूप से यहां संचालित हो रही है।

रहवासियों ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आज एक बार फिर क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर से मिलकर दुकान हटाने की मांग की, जिसके बाद कलेक्टर ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

क्या प्रशासन चाह रहा है उग्र आंदोलन?

स्थानीय नागरिकों में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महिलाएं और छात्र हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और जल्द से जल्द दुकान हटाने की मांग कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकार ने धार्मिक स्थलों के पास से शराब दुकानों को हटाने का फैसला कर लिया है, तो इस मामले में आबकारी विभाग और प्रशासन चुप क्यों है?

रहवासियों की मांग:

धार्मिक स्थल और स्कूलों के पास से शराब की दुकानें तुरंत हटाई जाएं।  चांदबड़ के नाम से स्वीकृत दुकान को गलत स्थान पर संचालित करने की जांच हो। शराबियों की हरकतों से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा दी जाए।

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