श्योपुर, मध्य प्रदेश। कूनो नेशनल पार्क के पास विजयपुर इलाके में एक माँ की बहादुरी ने यह साबित कर दिया कि माँ की शक्ति से बड़ा कुछ नहीं। उमरीकला गांव में 9 साल का अविनाश धाकड़ घर के बाहर खेल रहा था, जब अचानक एक तेंदुए ने हमला कर दिया।
तेंदुए ने किया हमला, माँ ने दिखाई अदम्य साहस
तेंदुए ने अविनाश की गर्दन और चेहरे पर अपने तेज़ दांत गड़ा दिए। बच्चे की चीखें सुनते ही उसकी माँ सुरक्षा धाकड़ दौड़कर बाहर आईं और यह भयानक मंजर देखा। बिना कुछ सोचे-समझे, उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए से भिड़ने का फैसला किया। माँ ने बच्चे को कसकर पकड़ा ताकि तेंदुआ उसे घसीटकर ना ले जा सके।
10 मिनट तक चली जिंदगी और मौत की जंग
लगभग 7-10 मिनट तक माँ और तेंदुए के बीच संघर्ष चला। माँ की हिम्मत और ताकत के आगे आखिरकार तेंदुआ हार गया और बच्चे को छोड़कर भाग गया। लेकिन तब तक अविनाश के सिर और चेहरे पर गहरे घाव हो चुके थे।
ऑपरेशन में लगे 120 टांके, 48 घंटे निगरानी में रहेगा बच्चा
घायल अविनाश को पहले विजयपुर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसे ग्वालियर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया।
डॉक्टर्स ने ढाई घंटे की सर्जरी कर 120 टांके लगाए। फिलहाल उसे 48 घंटे निगरानी में रखा गया है, क्योंकि तेंदुए के काटने से संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
वन विभाग ने किया अलर्ट जारी
इस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और ग्रामीणों को रात में घर के बाहर अकेले न रहने की सलाह दी है।
माँ की ममता ने किया चमत्कार: तेंदुए के हमले से 9 साल के बेटे को बचाया
