मध्यप्रदेश नर्सिंग घोटाले में नया खुलासा: जबलपुर नर्सिंग कॉलेज की प्रोफेसर प्रतिभा सिंह ठाकुर पर NSUI ने लगाए गंभीर आरोप, की उच्च स्तरीय जांच की मांग

जबलपुर, ।  मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा प्रणाली में फैले व्यापक भ्रष्टाचार और फर्जी मान्यताओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने राज्य शासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, जबलपुर की सिस्टर ट्यूटर प्रोफेसर प्रतिभा सिंह ठाकुर पर नर्सिंग घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगाते हुए, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है।

फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दिलाने और परीक्षा घोटाले में संलिप्तता का आरोप

NSUI का कहना है कि प्रोफेसर प्रतिभा सिंह ठाकुर ने राज्य में कई अवैध नर्सिंग कॉलेजों को फर्जी मान्यता और संबद्धता दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई है। पूर्व में इन्हें विभाग द्वारा नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद वर्ष 2024 की नर्सिंग परीक्षाओं में उनके हस्तक्षेप के चलते परीक्षा प्रक्रिया में बड़ी अनियमितताएं उजागर हुईं।

परीक्षा केंद्रों पर नकल, अनाधिकृत अभ्यर्थी प्रवेश जैसे कृत्य सामने आए, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और शैक्षणिक स्तर पर गहरा प्रभाव पड़ा।

वित्तीय अनियमितता: लाखों रुपये के फर्जी भुगतान का भी आरोप

NSUI ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिभा सिंह ठाकुर ने नर्सिंग काउंसिल से लाखों रुपये के बिल प्रस्तुत किए, जिनमें से कई नियमों के विरुद्ध स्वीकृत किए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि पूरे मामले में गंभीर वित्तीय अनियमितता हुई है, जो छात्रों की फीस और शासकीय निधियों के दुरुपयोग का प्रतीक है।

NSUI की प्रमुख मांगें शासन के समक्ष:

1. वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक किए गए सभी भुगतानों की ब्याज सहित रिकवरी सुनिश्चित की जाए।

2. इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए।

3. यदि दोष सिद्ध होता है तो प्रोफेसर प्रतिभा सिंह ठाकुर के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

NSUI ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।
NSUI प्रदेश अध्यक्ष रवि परमार ने कहा, “छात्रों के भविष्य और सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर हम किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेंगे। यदि शासन चुप बैठा रहा, तो NSUI सड़कों पर उतरेगा।”

न्यायिक नैतिकता और शैक्षणिक पारदर्शिता की रक्षा जरूरी: NSUI

NSUI ने शासन से आग्रह किया है कि इस मामले को नर्सिंग शिक्षा प्रणाली की साख से जुड़ा मानते हुए, तत्काल और कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

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