पूर्वोत्तर भारत बनेगा विकास का नया केंद्र, “एडवांटेज असम 2.0 समिट” में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की बड़ी घोषणाएं
गुवाहाटी। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने “एडवांटेज असम 2.0 इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर समिट” में असम और पूर्वोत्तर भारत में रेलवे एवं आईटी क्षेत्र के विकास के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत अब देश के विकास का नया इंजन बनने जा रहा है।
असम में रेलवे के लिए बड़ी घोषणाएँ
बसबारी में नया रेलवे रोलिंग स्टॉक निर्माण केंद्र स्थापित होगा।
लुमडिंग में लोकोमोटिव मिड-लाइफ रीकंस्ट्रक्शन सुविधा शुरू की जाएगी।
गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन में बदला जाएगा, जिसमें 12 मंजिला आईटी पार्क भी होगा।
गुवाहाटी को अगले 10 महीनों में 2 अमृत भारत ट्रेनें मिलेंगी।
गुवाहाटी-सिलचर और गुवाहाटी-अगरतला के बीच दो नई इंटरसिटी ट्रेनें शुरू होंगी।
रणनीतिक “चिकन नेक” क्षेत्र में रेलवे का चौगुनीकरण (quadrupling) किया जाएगा।
भूटान के साथ रेलवे संपर्क के लिए कोकराझार-गेलफू रेलवे परियोजना को स्वीकृति दी गई।
असम में 6 नए गति शक्ति टर्मिनल स्वीकृत किए गए हैं।
असम और पूर्वोत्तर में रेलवे का अभूतपूर्व विस्तार
2014 से अब तक 1,824 किमी नई रेलवे लाइन बिछाई गई, जो श्रीलंका के पूरे रेल नेटवर्क से अधिक है।
2014 से अब तक 1,604 किमी रेलवे पथ का विद्युतीकरण हुआ।
₹74,972 करोड़ की लागत से 18 नई रेलवे परियोजनाएँ चालू हैं, जिनकी कुल लंबाई 1,368 किमी है।
₹1,10,000 करोड़ की लागत से 18 और रेलवे परियोजनाएँ बनाई जा रही हैं, जिनकी कुल लंबाई 2,200 किमी होगी।
60 रेलवे स्टेशनों को ₹2,039 करोड़ की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है।
5,500 करोड़ रुपये की लागत से रेल फ्लाईओवर और अंडरब्रिज बनाए गए हैं।
2 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल चालू, 6 अन्य निर्माणाधीन।
बोडोलैंड क्षेत्र के बसबारी में ₹300 करोड़ की लागत से एक नया वैगन वर्कशॉप स्थापित किया जाएगा।
गुवाहाटी-दिल्ली और गुवाहाटी-चेन्नई के लिए दो अमृत भारत ट्रेनें शुरू होंगी।
43 लिफ्ट और 37 एस्केलेटर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए।
असम में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स हब की स्थापना
जग्गी रोड में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 47,000 वर्ग मीटर (220 बीघा) भूमि आवंटित की गई।
कामरूप जिले में एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित होगा।
“इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन” के तहत असम में चिप निर्माण उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा।
₹1.5 लाख करोड़ के निवेश से भारत में 5 सेमीकंडक्टर परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं।
असम के मोरीगांव में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा ₹27,120 करोड़ की लागत से OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) सुविधा स्थापित होगी, जिसमें 48 मिलियन सेमीकंडक्टर यूनिट प्रतिदिन का उत्पादन होगा।
असम में कौशल विकास और ट्रेनिंग कार्यक्रम
NIELIT को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया, और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के साथ MOU किया गया।
असम के तकनीशियनों को टाटा प्लांट (कोलार और होसुर) में ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
असम के इंजीनियरों को ताइवान स्थित PSMC फैब में प्रशिक्षित किया जाएगा।
IIIT गुवाहाटी और NIT सिलचर में “चिप्स टू स्टार्टअप” (C2S) कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग दी जा रही है।
“फ्यूचर स्किल्स PRIME” कार्यक्रम के तहत 2,500 इंजीनियरों को उभरती तकनीकों में ट्रेनिंग मिल रही है।
भूटान के साथ रेलवे संपर्क परियोजना
असम के कोकराझार से भूटान के गेलफू तक 69 किमी लंबी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।
इस परियोजना में 2 महत्वपूर्ण पुल, 29 बड़े पुल, 65 छोटे पुल और 10,913 मीटर लंबे वायाडक्ट शामिल होंगे।
रेल मार्ग पर 7 स्टेशन होंगे, जिनमें से 6 असम में और 1 भूटान में होगा।
पूर्वोत्तर भारत में रेलवे, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों के विस्तार से यह क्षेत्र विकास का नया केंद्र बनेगा। सरकार की यह पहल असम और पूर्वोत्तर भारत को आर्थिक और बुनियादी ढांचे की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाएगी।
असम में रेलवे और आईटी क्षेत्र के विकास के लिए नई परियोजनाओं की घोषणा
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