प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान: 842 गर्भवती महिलाओं की जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान

मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अहम कदम

भोपाल । एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान  के तहत 25 फरवरी को आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविरों में 842 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इन जांचों के दौरान 156 महिलाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी  पाई गई, जिनकी विशेष चिकित्सकीय देखभाल और फॉलोअप किया जा रहा है।
प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र जहां शिविर आयोजित किए गए:

जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
एम्स भोपाल, हमीदिया अस्पताल, इंदिरा गांधी गैस राहत अस्पताल
जवाहरलाल नेहरू गैस राहत हॉस्पिटल, ख़ुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, प्रोतिमा मालिक पुलिस अस्पताल

निजी सोनोग्राफी केंद्रों पर निःशुल्क जांच एवं 108 एंबुलेंस से आने-जाने की सुविधा भी प्रदान की गई।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मुख्य कारण:

गर्भावस्था प्रेरित उच्च रक्तचाप
गंभीर एनीमिया
पहले सीजेरियन डिलीवरी का इतिहास
मृत शिशु जन्म और हैबिचुअल अबॉर्शन
मल प्रेजेंटेशन और ग्रैंड मल्टीपैरा

सुरक्षित मातृत्व के लिए सतत निगरानी और निःशुल्क परामर्श:

निजी स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सक हर माह 9 और 25 तारीख को शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क परामर्श दे रहे हैं।
चिह्नित हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने तक लगातार फॉलोअप किया जाएगा।

सी एम एच ओ डॉ. प्रभाकर तिवारी का बयान

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल, डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविरों से मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिल रही है। यह अभियान गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वस्थ प्रसव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।  मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है।  गर्भवती महिलाएं अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निःशुल्क जांच और परामर्श सेवाओं का लाभ ले सकती हैं।

Exit mobile version